प्रदूषण नियंत्रण पर सख्त रुख: डीएम ने STP क्षमता बढ़ाने और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई के दिए निर्देश

टिहरी गढ़वाल, 31 मार्च 2026। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद में औद्योगिक प्रदूषण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों के प्रभावी पालन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की कार्यक्षमता की निगरानी तथा प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने कीर्तिनगर स्थित 10 KLD क्षमता वाले एसटीपी के ओवर डिस्चार्ज की सटीक निगरानी के लिए “V-Notch” प्रणाली स्थापित कर प्रति घंटे डिस्चार्ज मापन के निर्देश दिए। साथ ही तपोवन स्थित 3.5 MLD एसटीपी की क्षमता वृद्धि के लिए डीपीआर तत्काल तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा।
देवप्रयाग में 217 मीटर सीवर लाइन का कार्य पूर्ण होने के बाद घरों को शीघ्र कनेक्शन देने के निर्देश भी दिए गए। डीएम ने कहा कि स्वीकृत लागत के तहत कार्य पूर्ण कर शेष धनराशि से अधिक से अधिक घरों को सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाए।
इसके अलावा ऋषिकेश और तपोवन क्षेत्र में सभी नालियों को जाली से कवर करने के निर्देश दिए गए, ताकि ठोस अपशिष्ट सीधे जल स्रोतों में न पहुंचे और प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके।
जिलाधिकारी ने फरवरी 2026 की एसटीपी रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए एनजीटी मानकों पर खरे न उतरने वाले प्लांट संचालकों को शो कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अधिशासी अभियंता पेयजल प्रशांत भारद्वाज, प्रभागीय वनाधिकारी पुनीत तोमर सहित अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



