पौड़ी। चैत्र मास के पावन सोम प्रदोष व्रत के अवसर पर पौड़ी गढ़वाल स्थित प्रसिद्ध यमकेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस विशेष अवसर पर सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज मंदिर पहुंचे और भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उनके आगमन से मंदिर परिसर का धार्मिक वातावरण और भी अधिक भक्तिमय हो गया।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। दूर-दूर से पहुंचे भक्तों ने कतारों में खड़े होकर जलाभिषेक किया तथा बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। “हर हर महादेव” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा, जिससे वातावरण पूर्णतः शिवमय हो गया।
स्वामी रसिक महाराज ने मंदिर में विशेष पूजन कर भगवान शिव से देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा से व्यक्ति के समस्त कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में आध्यात्मिकता और धर्म के प्रति जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। प्रदोष व्रत केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और मन की शांति का माध्यम भी है। उन्होंने युवाओं से भी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को अपनाने का आह्वान किया।
मंदिर परिसर में प्रशासन एवं मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ दर्शन के लिए व्यवस्थित कतारें बनाई गई थीं, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी सेवा भाव से श्रद्धालुओं की सहायता की।
गौरतलब है कि सोम प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
इस पावन अवसर पर यमकेश्वर धाम में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।




