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राजमहल छोड़ वन को चले राम : केवट भक्ति और विरह प्रसंग ने नम कर दीं दर्शकों की आंखें

Govind Pundir
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टिहरी गढ़वाल। बौराडी स्टेडियम में आयोजित रामलीला के पांचवें दिवस अयोध्या से वन की ओर बढ़ते भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण का दृश्य जैसे ही रामलीला मंच पर जीवंत हुआ, पूरा पंडाल भावनाओं में डूब गया। पुत्र वियोग में तड़पते राजा दशरथ का विलाप और श्रीराम का मुस्कुराते हुए राजसी वैभव त्यागकर वन को प्रस्थान करना दर्शकों की आंखें नम कर गया। केवट की सरल भक्ति, राम के प्रति उसका प्रेम और समर्पण ने ऐसा भावुक वातावरण बनाया कि श्रद्धालु देर तक “जय श्रीराम” के उद्घोष करते रहे। नई टिहरी की रामलीला में मंचित यह प्रसंग श्रद्धा, त्याग और भक्ति का अद्भुत संगम बन गया।

राजा दशरथ का पुत्र वियोग में विलाप और माता कैकई को धिक्कारने का मार्मिक अभिनय दर्शकों के हृदय को छू गया। वहीं कैकई द्वारा श्रीराम से राजसी वस्त्र त्यागकर साधु वेश धारण कर वन जाने का आग्रह किया गया।

इस दौरान भगवान राम का संवाद —
“उतारूं राज के कपड़े जो है माता तेरे मन में,
बनाऊं भेष मुनियों का रमाऊं भस्म सब तन में…”
— सुनते ही पूरा पंडाल भावुकता से भर उठा और श्रद्धालु जय श्रीराम के उद्घोष करने लगे।

इसके बाद वनगमन और केवट प्रसंग का मंचन किया गया। वन में भगवान श्रीराम के आगमन की सूचना मिलते ही केवट की खुशी का सुंदर चित्रण कलाकारों ने प्रस्तुत किया। भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण द्वारा केवट से नदी पार कराने का अनुरोध तथा केवट की भक्ति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंचन के दौरान एक अन्य मार्मिक दृश्य में माता सीता वन की धूप और गर्मी से व्याकुल होकर पानी मांगती हैं। चारों ओर पानी न मिलने पर लक्ष्मण क्रोधित होकर आकाश की ओर बाण चलाते हैं, जिसके बाद जल प्रकट होता है और माता सीता की प्यास बुझती है। इस दिव्य प्रसंग के साथ पांचवें दिवस की रामलीला का समापन हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डीडीओ मोहम्मद असलम, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, यूकेडी जिलाध्यक्ष डीडी पंत, जयवीर मिंया, सुषमा उनियाल, कमल सिंह महर, देव प्रकाश सोनी, जगजीत सिंह नेगी, महिमा नंद नौटियाल, अनुसूया नौटियाल, कर्म सिंह तोपवाल सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि मोहम्मद असलम ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को एकता और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि वे पूर्व में भी रामलीला में शामिल हो चुके हैं और आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत ने कहा कि रामलीला जैसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, आदर्शों और संस्कारों से जोड़ने का माध्यम हैं।
समिति अध्यक्ष देवेंद्र नौटियाल एवं अन्य पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। मंच संचालन समिति के संरक्षक सतीश थपलियाल ने किया।
इस अवसर पर समिति के संयोजक डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, संरक्षक मोहन सिंह रावत (अध्यक्ष नगर पालिका), महावीर उनियाल, देशभूषण जोशी, मनोज शाह, त्रिलोक चंद्र रमोला, राजेंद्र असवाल, राकेश मोहन भट्ट, राकेश लांबा, भगवान चंद रमोला, मनोज राय, सुषमा उनियाल, रचना उनियाल, जशोदा नेगी, उर्मिला राणा, अमित पंत, अनुराग पंत, गंगा भगत नेगी, नंदू बाल्मीकि, सीताराम भट्ट, भवानी भाई, अनुसूया नौटियाल, सीमा पंत, हरीश गिरी, अनुज पंत, हरीश घिल्डियाल, जयेंद्र पांडे, शिवम गिरी, मनीष पंत, अंकित पांडे, अंजलि गिरी, अंजलि विश्वकर्मा, परिधि पंत, शंकर सैनी, अनिका पंत, कल्पना पांडे, ममता पंत, गबर तथा सूरज गिरी सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य और स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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