टिहरी गढ़वाल 20 जून। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने शनिवार को टिहरी क्षेत्र के नकोट व फैगुल गांव का भ्रमण कर विकास एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत प्रस्तावित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के लिए फैगुल में भूमि का निरीक्षण किया, वहीं नकोट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
फैगुल में प्रस्तावित आईटीआई के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भूमि की उपलब्धता और उपयुक्तता का परीक्षण किया। राजकीय आईटीआई नई टिहरी की प्रधानाचार्य पल्लवी ने बताया कि संस्थान की स्थापना के लिए करीब 11 नाली भूमि की आवश्यकता होगी। प्रारंभिक चरण में इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर और फिटर ट्रेड संचालित किए जाने का प्रस्ताव है, जिनमें इंटरमीडिएट के बाद एक एवं दो वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित आईटीआई के आसपास के गांवों में हाईस्कूल स्तर के विद्यार्थियों का सर्वे कर यह आकलन किया जाए कि संस्थान से कितने युवाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने कार्यदायी संस्था एनपीसीसी के प्रतिनिधियों को आगामी बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने नकोट स्थित टाइप-ए प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण कर इमरजेंसी कक्ष, ड्रेसिंग रूम, फार्मेसी और आयुष विंग की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक सैनी ने बताया कि उपकेंद्र में प्रतिदिन औसतन 15 से 20 मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ लेते हैं।
निरीक्षण में रेफरल रजिस्टर में मरीजों के फॉलोअप का विवरण दर्ज नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक रेफर मरीज का रिकॉर्ड अद्यतन रखने और समय-समय पर उनसे संपर्क कर स्वास्थ्य की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपूर्ण प्रसूति कक्ष के कार्य को जल्द पूरा करने तथा परिसर में लंबे समय से खड़े निष्प्रयोज्य वाहन के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा व्यवस्थाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।




