ऋषिकेश। श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के पं. ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में सोमवार को “NAAC Assessment and Accreditation: A Step Towards Excellence” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों एवं संबंधित हितधारकों को NAAC मूल्यांकन एवं प्रत्यायन प्रक्रिया, गुणवत्ता संवर्धन तथा प्रमाण-आधारित दस्तावेजीकरण के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के IQAC निदेशक प्रो. सुनील कबिया ने NAAC की मूल्यांकन एवं प्रत्यायन प्रक्रिया तथा गुणवत्ता के विभिन्न आयामों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने संस्थागत स्तर पर गुणवत्ता संस्कृति विकसित करने, अकादमिक गुणवत्ता, शोध एवं नवाचार, छात्र-केंद्रित गतिविधियों तथा सतत गुणवत्ता सुधार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों से अपनी शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों का व्यवस्थित और प्रमाण-आधारित रिकॉर्ड रखने का आह्वान किया।
IQAC के निदेशक प्रो. जी. के. ढींगरा ने कहा कि NAAC मूल्यांकन एवं प्रत्यायन केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संस्थागत गुणवत्ता में निरंतर सुधार और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग और शिक्षक की सक्रिय सहभागिता से ही गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण का निर्माण संभव है।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए परिसर निदेशक प्रो. एम. एस. रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की पहचान केवल शैक्षणिक परिणामों से नहीं, बल्कि शिक्षण, शोध, नवाचार, विद्यार्थियों के समग्र विकास और समाज के प्रति योगदान से भी होती है। उन्होंने NAAC की तैयारियों को परिसर की नियमित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। साथ ही शिक्षकों एवं कर्मचारियों से गुणवत्ता, पारदर्शिता, टीमवर्क और निरंतर सुधार की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन के मार्गदर्शन में उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन के लिए IQAC को बधाई देते हुए मुख्य वक्ता प्रो. सुनील कबिया के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला में संकायाध्यक्ष विज्ञान प्रो. एस. पी. सती, संकायाध्यक्ष कला प्रो. पी. के. सिंह सहित NAAC के विभिन्न मानदंडों के समन्वयक, संकाय सदस्य एवं अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे। कार्यशाला को परिसर में संस्थागत गुणवत्ता को सुदृढ़ करने तथा आगामी NAAC मूल्यांकन की तैयारियों को व्यवस्थित दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया।
NAAC मूल्यांकन एवं प्रत्यायन प्रक्रिया पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन
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