Ad image

एसबीआई एटीएम से दस हजार से ज्यादा कैश निकालने के बदले नियम: जानिए

Govind Pundir
3 Min Read
Please click to share News

खबर को सुनें

गढ़ निनाद न्यूज़*15 सितम्बर 2020।

नई दिल्ली। एसबीआई ने अपने ग्राहकों के साथ हो रही धोखाधड़ी (फ़्रॉड्स) को रोकने के लिए आज 15 सितम्बर 2020 से  24×7 ओटीपी सर्विस की शुरुआत कर दी है। अब दस हजार रुपये और उससे अधिक की निकासी के लिए, SBI डेबिट कार्डधारकों को अब हर बार अपने डेबिट कार्ड पिन के साथ अपने पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर भेजे गए OTP को दर्ज करना होगा।

स्टेट बैंक ने रात के समय में एटीएम फ्रॉड से बचने के लिए अपने ग्राहकों को ओटीपी आधारित एटीएम विड्रॉल की सुविधा 1 जनवरी 2020 से शुरू की थी, इसके तहत रात को 8 बजे से लेकर सुबह 8 बजे तक एसबीआई एटीएम से दस हजार रुपये और इससे ज्यादा कैश निकालते समय ओटीपी की जरूरत होती है। 

लेकिन आज से इस सेवा का विस्तार करते हुए अब चौबीसों घंटे OTP की जरूरत होगी। दिन भर इस सुविधा को लागू करने से एसबीआई डेबिट कार्डधारक धोखेबाजों, अनधिकृत निकासी, कार्ड स्किमिंग, कार्ड क्लोनिंग और अन्य जोखिम से बच पाएंगे। यह सुविधा केवल SBI एटीएम में ही मिलेगी।

आपको करना क्या है-

> SBI ATM से कैश निकालने के लिए ग्राहकों को सबसे पहले पिन नंबर के साथ एक ओटीपी भी डालना होगा। यह ओटीपी उनके द्वारा SBI में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।

> SBI की ओटीपी बेस्ड एटीएम विड्रॉल सुविधा केवल 10 हजार रुपये से अधिक की निकासी पर ही उपलब्ध होगा।

> SBI ने इस सुविधा को इसलिए पेश किया है ताकि एसबीआई डेबिट कार्ड होल्डर्स को किसी भी संभावित स्किमिंग या कार्ड क्लोनिंग से बचाया जा सके. इस प्रकार वो फ्रॉड से बच सकेंगे।

ओटीपी आधारित नकद निकासी की सुविधा केवल एसबीआई एटीएम में उपलब्ध है। OTP एक सिस्टम-जनरेटेड न्यूमेरिक स्ट्रिंग है, जो उपयोगकर्ता को एकल लेनदेन के लिए प्रमाणित करता है। एक बार जब ग्राहक एटीएम में विड्रॉल रकम दर्ज कर लेते हैं तो उसके बाद एटीएम स्क्रीन ओटीपी मांगेगी, जहां आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त किए गए ओटीपी को दर्ज करना होगा।


Please click to share News
Share This Article
Follow:
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
error: Content is protected !!