टिहरी की संघर्ष यात्रा- दो “विरोध में भी महिलाएं आगे”

Govind Pundir
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विक्रम बिष्ट

गढ़ निनाद समाचार* 3 नवम्बर 2020

नई टिहरी। बांध विस्थापितों के पुनर्वास का जिम्मा टीएचडीसी को सौंपे जाने के बाद पुनर्वास निदेशालय के कर्मचारी पैदल हो गए थे। टीएचडीसी मूलतः बांध निर्माण एजेंसी है। इसकी स्थापना में राजनीति,भाई भतीजावाद का बोलबाला तो था अनिश्चितता की स्थिति भी थी। केंद्र के अनुकूल सरकार और खास तौर पर पर्यावरणवादी मेनका गांधी के मंत्री बनने के शुभ अवसर पर चिपको नेता सुंदरलाल बहुगुणा ने टिहरी बांध के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया था। बहुगुणा जी पहले कभी टिहरी बांध के इंजीनियरों को आधुनिक भागीरथ मानते थे।

बरहाल गंगा मां की रक्षा की लड़ाई में तब भी महिलाएं अग्रिम मोर्चे पर थी। बेशक कुसुम दीदी जैसी पुरस्कार आकांक्षा से रहित।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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