बदरीनाथ धाम में नमाज पढ़ने पर भड़के नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज, बोले-सरकार के लिए यह शर्मनाक बात

हरिद्वार। बद्रीनाथ धाम में नमाज पढ़ने के मामले को लेकर ज्योतिर्मठ बद्रिकाश्रम के संत नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ सनातन धर्म की मुकुट मणि है। वहां दूसरे धर्म की पूजा नहीं हो सकती। उन्होंने बदरीनाथ धाम में नमाज पढ़ाने को लेकर डीएम और एसडीएम को जिम्मेदार ठहराया।
नृसिंह वाटिका आश्रम खांड गांव नम्बर एक रायवाला आश्रम में चल रहे रुद्र महायज्ञ और शिव महापुराण कथा के प्रथम सत्र के दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बदरीनाथ में नमाज पढ़ना गलत बताया। रसिक महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में यह काम गलत हुआ है।
बदरीनाथ में नमाज पढ़ना सरकार के लिए भी शर्मनाक बात है। महामंडलेश्वर ने मामले में चमोली डीएम और बदरीनाथ क्षेत्र के एसडीएम पर कार्रवाई की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि भगवान के धाम में नमाज पढ़ना उत्तराखंड और सरकार के लिए बहुत कलंकित दिन हुआ है।
इसके जिम्मेदार प्रशासन और मंदिर प्रशासन पर सरकार सख्त कार्रवाई करे। साथ ही उन्हें बर्खास्त करके उन पर मुकदमा चलाकर उन्हें जेल भेजे। संत रसिक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बदरीनाथ धाम की मर्यादा है। शास्त्र खंडित हुआ है। उन्होंने कहा कि भगवान के धाम में केवल भगवान की पूजा होगी दूसरी विधि वहां नहीं चलेगी। उन्होंने बताया कि भगवान का सूत्र है कि केवल रावल हाथ लगा सकते हैं अन्य पुजारी भी वहां हाथ नहीं लगा सकते हैं। इस दौरान अनुयायियों ने भी आश्रम पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया।