नृसिंह वाटिका आश्रम रायवाला में मना दीपोत्सव, 108 दीपों से उतारी भगवान नृसिंह देवता की महाआरती

Govind Pundir
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भारत की प्राचीन संस्कृति का प्रतीक है यज्ञ नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज

रायवाला हरिद्वार। महालक्ष्मी पूजन के अवसर पर गंगाजल कलश यात्रा निकाली गई। नृसिंह वाटिका आश्रम परिसर स्थित भगवान नृसिंह देवता और बद्रीनाथ जी की प्रतिमा का गंगाजल से सहस्त्र धारा अभिषेक किया गया। सैकड़ों दीपों से यज्ञशाला को सजाकर लक्ष्मी नृसिंह नारायण की महाआरती 108 दीपों से की गई।

नृसिंह भक्ति संस्थान एवं रसिक ज्ञान भक्ति समिति के तत्वावधान में गुरुवार को गंगाजल कलश यात्रा, महाआरती एवं अमृत प्रवचन हुए। 

स्वामी रसिक महाराज ने अपनी अमृतमय वाणी से धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए नृसिंह वाटिका आश्रम में लक्ष्मी नृसिंह महा यज्ञ का प्रारंभ हुआ है। यज्ञ परमेश्वर का स्वरूप भारत की प्राचीन संस्कृति है। यज्ञ का अविष्कार हमारे ऋषि मुनियों ने विश्व कल्याण के लिए किया था। प्राचीन समय में हर घर में यज्ञ होता था बिना यज्ञ के हम जलपान भी नहीं करते थे, लेकिन कलयुग के प्रभाव से यज्ञ रचना, वंदना, त्रेतायुग, द्वापरयुग और सतयुग का धर्म लोप हुआ है। हर घर में दुर्गा सप्तशती का यज्ञ होना चाहिए।

नृसिंह वाटिका आश्रम रायवाला हरिद्वार में दीपोत्सव का आनंद

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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