Ad image

सभी महाविद्यालयों में नैक एक्रिडिएशन होगा अनिवार्यः डाॅ0 धन सिंह रावत

Garhninad Desk
4 Min Read
Please click to share News

खबर को सुनें

शिक्षण संस्थानों को मार्च 2023 तक कराना होगा नैक मूल्यांकन

देहरादून 17 नवम्बर 2022। सूबे के समस्त महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन अनिवार्य रूप से कराना होगा, इसके लिये सभी राजकीय एवं अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को मार्च 2023 तक का समय दिया गया है। नैक एक्रिडिएशन न कराने वाले महाविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। गुणवत्तापरक शिक्षा के लिये महाविद्यालयों को कम से कम 180 दिन कक्षाएं संचालित करने को कहा गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप महाविद्यालयों में ग्रीन कैम्पस, तम्बाकू मुक्त कैम्पस बनाने हेतु समितियों का गठन करने तथा एनसीसी, एनएसएस एवं रोवर रेंजर की इकाईयां स्थापित की जायेंगी। छात्र-छात्राओं की डिजीटल हेल्थ आईडी बनाने के साथ ही उनके ब्लड ग्रुप की भी जांच महाविद्यालय स्तर पर की जायेगी।

उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ0 धन सिंह रावत ने आज सचिवालय स्थित डीएमएमसी सभागार में विभागीय बैठक में राजकीय एवं अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने सभी अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों एवं राजकीय महाविद्यालयों को अनिवार्य रूप से नैक मूल्यांकन कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी उच्च शिक्षण संस्थान मार्च 2023 तक नैक मूल्यांकन सुनिश्चित करायें। नैक मूल्यांकन न कराने वाले अशासकीय महाविद्यालयों की जहां मान्यता खत्म कर दी जायेगी वहीं राजकीय महाविद्यालयों के प्राचायों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। डाॅ0 रावत ने बताया कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के सहयोग से माह दिसम्बर में विभिन्न जनपदों में पांच सेमीनार आयोजित किये जायेंगे जहां पर नैक मूल्यांकन के लिये आवश्यक सुविधाओं एवं संरचनाओं की जानकारी दी जायेगी ताकि नैक मूल्यांकन में महाविद्यालयों को सहूलियत हो सके। डाॅ0 रावत ने उच्च शिक्षा में शैक्षिक गुणवत्ता के सुधार के लिये सभी शिक्षण संस्थानों में अनिवार्य रूप से 180 दिन कक्षाओं का संचालन करने, निश्चित समय सीमा के भीतर परीक्षाओं का आयोजन व परिणाम जारी करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।

बैठक में विभागीय मंत्री ने राजकीय एवं अशासकीय महाविद्ययालों के प्राचार्यों को एंटी ड्रग्स सेल का गठन करने के साथ ही तम्बाकू मुक्त परिसर एवं ग्रीन कैम्पस बनाने को कहा, साथ ही उन्होंने महाविद्यालयों में एनएसएस, एनसीसी एवं रोवर्स रेंजर की इकाईयां स्थापित करने व शिक्षकों एवं कार्मिकों के साथ ही छात्र-छात्राओं की भी बायोमैट्रिक उपस्थिति लिये जाने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों से टीबी मुक्त उत्तराखंड अभियान से जुड़ कर एक-एक टीबी मरीज गोद लेने, छात्र-छात्राओं की डिजीटल हेल्थ आईडी बनाने, प्रत्येक छात्र-छात्राओं के ब्लड ग्रुप की पहचान करने व स्वैच्छिक रक्तदान के लिये पंजीकरण कराने को भी कहा।

बैठक में निर्णय लिया कि सभी राजकीय महाविद्यालयों में 4-जी कनेक्टीविटी के लिये संबंधित प्राचार्य किसी भी नेटवर्क कंपनी से उपलब्धता के आधार पर कनेक्शन ले सकते हैं। जिसका भुगतान मासिक या वर्षिक आधार पर छात्र निधि से प्राप्त धनराशि से किया जा सकता है। विभागीय मंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के महाविद्यालय अपने आस-पास के एक-एक गांव को गोद लेकर साक्षरता, स्वच्छता एवं सामाजिक जन जागरूकता अभियान चलायेंगे जबकि मैदानी क्षेत्रों के महाविद्यालय अपने आस-पास के एक-एक राजकीय विद्यालय व बालवाटिका को गोद लेकर सहयोग करेंगे। डाॅ0 रावत ने कहा कि सूबे के महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ अंतर महाविद्यालय संस्कृतिक, खेल, सामान्य ज्ञान व भाषण प्रतियोगिता सहित अंतर विश्वविद्यालय कुलगीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा।

बैठक में सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, अपर सचिव प्रशांत आर्य, सलाहकार रूसा प्रो0 एम0एस0एम0 रावत, प्रो0 के0डी0 पुरोहित, निदेशक उच्च शिक्षा प्रो0 प्रवीन जोशी, संयुक्त निदेशक प्रो0 ए0 एस0 उनियाल के साथ ही सभी 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे जबकि राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।


Please click to share News
Share This Article
error: Content is protected !!