आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण व मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर प्रशिक्षण

टिहरी गढ़वाल। प्रतापनगर ब्लॉक में कुपोषण की समस्या के प्रभावी निवारण तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की बेहतर देखरेख को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, रानीचौरी की वैज्ञानिक डॉ. कीर्ति कुमारी द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में 43 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कुपोषित बच्चों के पोषण प्रबंधन, संतुलित आहार, नियमित निगरानी एवं आवश्यक रेफरल प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं की देखभाल, पोषण संबंधी आवश्यकताएँ, स्वास्थ्य संकेतकों की पहचान तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं के प्रबंधन पर विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
डॉ. कीर्ति कुमारी ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से प्रतापनगर ब्लॉक की आंगनवाड़ियों में पंजीकृत लगभग 1900 बच्चों का सर्वेक्षण किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कुपोषित बच्चों की पहचान, उनकी पोषण स्थिति का आकलन तथा उपयुक्त न्यूट्रिशन इंटरवेंशन के माध्यम से उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना है। इसी क्रम में पूर्व में भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि ब्लॉक में लगभग 400 गर्भवती एवं धात्री महिलाएँ पंजीकृत हैं। प्रशिक्षण एवं क्षेत्रीय भ्रमण के माध्यम से हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी का आकलन किया जा रहा है तथा न्यूट्रिशन काउंसलिंग के जरिए महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड सेवन, स्वच्छता एवं नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त डॉ. कीर्ति कुमारी द्वारा प्राथमिक विद्यालय बनाली में पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कक्षा 1 से 8 तक के 46 विद्यार्थियों की पोषण स्थिति का आकलन किया गया तथा विद्यालय स्टाफ के साथ बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
डॉ. कीर्ति कुमारी ने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण प्रतापनगर क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता अपेक्षाकृत कम रही है। इसे ध्यान में रखते हुए इस वर्ष महिलाओं, किशोरियों एवं कुपोषित बच्चों के लिए विशेष जागरूकता एवं न्यूट्रिशन इंटरवेंशन कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।



