नारी शक्ति वंदन अधिनियम : सशक्त भारत की दिशा में ऐतिहासिक मील का पत्थर — माला राज्य लक्ष्मी शाह

Govind Pundir
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टिहरी गढ़वाल। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में आज का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” का पारित होना केवल एक विधायी उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को समान अवसर, सम्मान और निर्णायक भागीदारी प्रदान करने का मजबूत संकल्प है। यह अधिनियम महिलाओं को राजनीति और शासन व्यवस्था में अधिक प्रतिनिधित्व देकर लोकतंत्र की जड़ों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
इस अवसर पर माला राज्य लक्ष्मी शाह ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी, संवेदनशील एवं दृढ़ नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि यह कानून करोड़ों भारतीय महिलाओं के सपनों, संघर्षों और उम्मीदों को नई दिशा देगा तथा पंचायत से लेकर संसद तक उनकी भागीदारी को और प्रभावशाली बनाएगा।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन भूमि वीरांगनाओं और मातृशक्ति के अद्वितीय योगदान के लिए जानी जाती रही है। रानी कर्णावती, तीलू रौतेली, गौरा देवी और पर्वतारोही बचेंद्री पाल जैसी प्रेरणास्रोत विभूतियों ने महिलाओं की भूमिका को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है। उत्तराखंड की महिलाएं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी साहस, त्याग, श्रम और समर्पण का परिचय देती रही हैं तथा सामाजिक परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं।
उन्होंने कहा कि आज भारत की बेटियां अंतरिक्ष, विज्ञान, रक्षा, खेल, शिक्षा, उद्यमिता और स्टार्टअप सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के माध्यम से उन्हें नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे नेतृत्व क्षमता का विकास होगा और समाज में महिलाओं को सम्मानजनक स्थान प्राप्त होगा।
माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कहा कि यह अधिनियम किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सभी वर्गों, समुदायों और पृष्ठभूमियों से आने वाली महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करता है। यह समावेशी दृष्टिकोण ही इसकी वास्तविक शक्ति है, जो प्रत्येक महिला को सशक्त बनने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह ऐतिहासिक निर्णय “सशक्त नारी, सशक्त भारत” के संकल्प को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा और देश को अधिक समावेशी, न्यायपूर्ण तथा प्रगतिशील दिशा में आगे बढ़ाएगा।


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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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