ऋषिकेश, 19 जून। पौड़ी और यमकेश्वर क्षेत्र को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित सिंगटाली पुल के शिलान्यास पट्ट पर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी का नाम शामिल न होने को लेकर सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि सिंगटाली पुल क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी मांग रहा है और इस परियोजना को स्वीकृति दिलाने व आगे बढ़ाने में सांसद अनिल बलूनी के प्रयास महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में शिलान्यास पट्ट से उनका नाम गायब होना दुर्भाग्यपूर्ण होने के साथ जनभावनाओं के भी विपरीत है।
उन्होंने कहा कि यदि यह मामला प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही शिलान्यास पट्ट में आवश्यक संशोधन कर जनप्रतिनिधियों के योगदान को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए।
स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विकास कार्य सामूहिक प्रयासों का परिणाम होते हैं। इसलिए क्षेत्र के विकास में योगदान देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों के कार्यों को उचित सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार और संबंधित विभाग से मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।




