टिहरी। त्रिहरी सिनेमा हॉल, बौराड़ी में शुक्रवार को गढ़वाली फीचर फिल्म ‘मार्छा’ का शुभारंभ टिहरी नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने फिल्म के निर्माता एवं पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़ी ऐसी फिल्मों को समाज का भरपूर सहयोग मिलना चाहिए।
कार्यक्रम में नागरिक मंच के अध्यक्ष सुंदर लाल उनियाल, कमल सिंह महर, महिपाल नेगी, डॉ. राज किशोर, फिल्म के क्रिएटिव डायरेक्टर धीरज वर्मा, मुख्य अभिनेता अर्जुन चंद्रा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं फिल्म प्रेमी मौजूद रहे।
इस अवसर पर फिल्म के क्रिएटिव डायरेक्टर धीरज वर्मा ने कहा कि ‘मार्छा’ केवल मनोरंजन के उद्देश्य से नहीं बनाई गई है, बल्कि यह उत्तराखंड के दो सबसे बड़े सामाजिक मुद्दों पलायन और भू-कानून को प्रभावी ढंग से सामने लाती है। उन्होंने बताया कि फिल्म में दिखाया गया है कि किस प्रकार भू-माफिया स्थानीय लोगों की जमीन औने-पौने दामों में खरीदकर बाहरी लोगों को बेच देते हैं। फिल्म का नायक इन चुनौतियों का डटकर सामना करता है और अंततः उसकी जीत होती है। उन्होंने कहा कि फिल्म समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास करती है और दर्शकों से इसे सिनेमाघरों में जाकर देखने की अपील की।
फिल्म के मुख्य अभिनेता अर्जुन चंद्रा ने कहा कि ‘मार्छा’ एक ऐसे युवा की कहानी है, जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर बेहतर वेतन वाली नौकरी हासिल कर सकता था, लेकिन अपने गांव और समाज के विकास को प्राथमिकता देते हुए गांव लौटने का निर्णय लेता है। वह पलायन रोकने, स्थानीय संसाधनों के विकास और गांव की जमीन बचाने के लिए संघर्ष करता है। फिल्म यह संदेश देती है कि यदि युवा अपने गांवों की ओर लौटें और अपनी प्रतिभा का उपयोग स्थानीय विकास में करें तो उत्तराखंड के गांव फिर से आबाद हो सकते हैं।
अर्जुन चंद्रा ने फिल्म निर्माण से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीकी टीम और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए टिहरीवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में सिनेमाघरों में पहुंचकर फिल्म देखें और गढ़वाली सिनेमा को प्रोत्साहित करें।
‘मार्छा’ उत्तराखंड के समसामयिक सामाजिक सरोकारों को बड़े पर्दे पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। फिल्म पलायन, भू-संरक्षण, स्थानीय रोजगार और गांवों के पुनर्जीवन जैसे विषयों पर विचार करने के लिए दर्शकों को प्रेरित करती है।




