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एस.एम.आर. डिग्री कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

Garhninad Desk
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*राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत दो मुख्य विषयों का चयन करना अनिवार्य- प्रो. गोस्वामी*

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत कौशल विकास के विषय उतीर्ण करना अनिवार्य- प्रो. चौधरी

टिहरी गढ़वाल। सरदार महिपाल राजेंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
 कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से रूबरू कराना साथ ही सही विषयों का चयन कराना एवं चयन के दौरान हो रही विभिन्न समस्याओं का निवारण करना।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. डी.सी. गोस्वामी, संयोजक राष्ट्रीय शिक्षा नीति निर्धारण समिति श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय एवं प्रोफेसर डॉ. डी.के. पी. चौधरी सदस्य सचिव राष्ट्रीय शिक्षा नीति निर्धारण समिति श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय उपस्थित रहे l 
कार्यशाला के मुख्य वक्ता प्रोफेसर गोस्वामी ने कहा कि छात्रों को स्नातक पाठ्यक्रम कला संकाय, विज्ञान संकाय, वाणिज्य संकाय आदि का चुनाव करने के पश्चात दो मुख्य विषय उसी संकाय से लेने होंगे तथा तीसरा विषय मेजर इलेक्टिव किसी भी संकाय कला, विज्ञान अथवा वाणिज्य से लेना होगा l
डॉ. गोस्वामी ने कहा कि जिस महाविद्यालय में एक ही संकाय हैं, वह तीनों विषय दो कौर एवं एक मेजर इलेक्टिव उसी संकाय से भी ले सकता हैl
 इसके पश्चात प्रो. गोस्वामी ने कहा कि प्रत्येक संकाय के विषयों के तीन ग्रुप बनाए गए हैं जिसमें छात्र तीनों ग्रुप से न्यूनतम एक विषय का चयन एवं अधिकतम दो विषयों का चयन कर सकता है।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता डॉ. चौधरी ने कहा की तीन मुख्य विषय का चयन करने के पश्चात छात्र एक गौण विषय अर्थात माईनर इलेक्टिव विषय का चयन करेगा जो अधिकतम 4 क्रेडिट का होगा। साथ ही साथ स्नातक स्तर पर  प्रत्येक विद्यार्थी को प्रथम 4 सेमेस्टर में तीन-तीन क्रेडिट के कौशल विकास कोर्स को भी पूर्ण करने होंगे। प्रत्येक विद्यार्थी को प्रथम 4 सेमेस्टर में तीन-तीन क्रेडिट के कौशल विकास कोर्स को भी पूर्ण करना होगा। 
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ0 रेनू गुप्ता ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 संपूर्ण विश्व की शिक्षा नीति के अनुकूल है यह विद्यार्थी के बहुआयामी विकास में सहायक सिद्ध होगी।
महाविद्यालय के चेयरमैन अनिल सिंह तोमर ने कहा कि सरदार महिपाल राजेन्द्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय साहिया भौगोलिक रूप से अति दुर्गम में अवस्थित है जहां उच्च शिक्षा का अभाव है राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 छात्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में कारगर सिद्ध होगी साथ ही रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने में सहयोगी होगी।
संयोजक प्रवेश समिति दीपक बहुगुणा ने कहा की महाविद्यालय में वर्तमान सत्र 2022-23 मे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक पाठ्यक्रम बी.ए. प्रथम सेमेस्टर मे 157 प्रवेश हुए है शेष 83 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है जिसकी अंतिम तिथि 20 सितम्बर, 2022 तक विस्तारित की गई है।
कार्यक्रम के अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक डॉ रवि कुमार, श्रीमती पूनम भंडारी, मनोजा चौहान, श्रीमति इन्द्रा, प्रियंका चौहान शिक्षणेत्तर कर्मचारी गम्भीर चौहान, नितिन तोमर, रितेश चौहान, रितिका चौहान, सुनीता, मोनू कुमार सहित प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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