यमुना जन्मोत्सव पर नदी संरक्षण का लेंगे संकल्प: किशोर उपाध्याय

टिहरी गढ़वाल, 2 अप्रैल 2025। जल संरक्षण और नदियों के महत्व को उजागर करने के उद्देश्य से भाजपा के जिला कार्यालय में वीरवार (आज) को यमुना जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं सहित स्थानीय लोग गंगा-यमुना और उनकी सहायक नदियों, गाड़-गदेरों के संरक्षण की शपथ लेंगे। यह आयोजन विधायक किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में होगा, जिन्होंने इस पर्व को जलसंरक्षण के संकल्प से जोड़ने की अपील की है।
नदी संरक्षण की पुकार
टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जीवनदायिनी मां गंगा और मां यमुना के संरक्षण का आह्वान कर चुके हैं। उन्होंने ‘नमामि गंगे’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू कर गंगा और उसकी सहायक नदियों के पुनर्जीवन की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री का संकल्प है कि जल स्रोतों को संरक्षित करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं और देशभर में जलसंरक्षण की संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए। इसी दृष्टिकोण से प्रेरित होकर यमुना जन्मोत्सव में भी जलसंरक्षण को मुख्य मुद्दा बनाया गया है।
गंभीर संकट और भविष्य की चुनौती
विधायक उपाध्याय ने चिंता जताते हुए कहा कि ग्लेशियर धीरे-धीरे पिघल रहे हैं और हिमालयी तथा वर्षाजनित नदियां विलुप्त होने की कगार पर हैं। इसका सबसे गंभीर असर दिल्ली पर पड़ेगा, जहां पहले से ही जल संकट की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों के अनुसार, यमुना नदी भी आने वाले 20 वर्षों में जलरहित हो सकती है, जिससे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के लोगों को भारी संकट का सामना करना पड़ेगा। यमुनोत्री के बंदरपूंछ ग्लेशियर में इस बार अपेक्षाकृत बर्फ नहीं दिखी, जो आने वाले समय के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह संकेत करता है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो हमें एक विकराल जल संकट का सामना करना पड़ेगा।