डायट टिहरी में डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए “थियेटर इन एजुकेशन” कार्यशाला का शुभारंभ

टिहरी गढ़वाल 15 जनवरी 2026। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी) टिहरी गढ़वाल, नई टिहरी में आज डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए पांच दिवसीय “थियेटर इन एजुकेशन” कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य नई शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप शिक्षण को अनुभवात्मक, रोचक और प्रभावी बनाना है।
नई शिक्षा नीति 2020 में अनुभवात्मक शिक्षण, कला एकीकृत शिक्षा और खेल–खेल में सीखने पर विशेष जोर दिया गया है। “थियेटर इन एजुकेशन” इन तीनों का सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से पढ़ाई को जीवंत बनाया जा सकता है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता का विकास करना, कठिन विषयों को सरल व अनुभव आधारित तरीके से समझाना तथा कहानी, नाटक और अभिनय के माध्यम से सामाजिक, वैज्ञानिक व ऐतिहासिक विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है।
पांच दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रशिक्षुओं को ड्रामा गेम्स, शारीरिक गतिविधियां, कहानी कहना व कहानी निर्माण, रोल प्ले, आशु अभ्यास सहित कलात्मक गतिविधियों को लेसन प्लान में समाहित करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही टीमवर्क, नेतृत्व कौशल, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यशाला में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से श्री गणेश बलोनी एवं उमंग खुगसाल संदर्भदाता के रूप में प्रशिक्षण दे रहे हैं, जबकि संस्थान की प्रवक्ता डॉ. सुमन नेगी कार्यक्रम संयोजक की भूमिका निभा रही हैं।
इस अवसर पर श्री देवेंद्र सिंह भंडारी, डॉ. वीर सिंह रावत, डॉ. राजकिशोर, सीमा शर्मा, विनोद पेटवाल, राजेंद्र बडोनी, नरेश चंद कुमाई, निर्मला सिंह सहित अन्य सहयोगी शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यशाला से प्रशिक्षुओं को नवाचारपूर्ण शिक्षण विधियों की समझ विकसित होने की उम्मीद है, जिससे वे भविष्य में विद्यालयों में बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावशाली बना सकेंगे।



