टिहरी के ज्वलंत मुद्दों पर मुख्यमंत्री की चुप्पी निराशाजनक : राकेश राणा

टिहरी गढ़वाल 6 मार्च। जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के पूर्व अध्यक्ष राकेश राणा ने कहा कि जनपद के ज्वलंत मुद्दों पर प्रदेश सरकार की चुप्पी बेहद निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami कोटी कॉलोनी में आयोजित टिहरी लेक फेस्टिवल में शामिल होने पहुंचे, तो टिहरी की जनता ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, लेकिन उनके संबोधन में जनपद की गंभीर समस्याओं पर कोई स्पष्ट चर्चा या ठोस आश्वासन नहीं मिला।
राकेश राणा ने कहा कि टिहरी जनपद कई महत्वपूर्ण समस्याओं से जूझ रहा है। टिहरी मेडिकल कॉलेज की स्थापना का मामला वर्षों से लंबित है। वहीं जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का जीवन असुरक्षित होता जा रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण कई बार गर्भवती महिलाओं को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जिससे दुखद घटनाएं सामने आती हैं। इसके साथ ही युवाओं के सामने रोजगार के अवसरों की भारी कमी है, जिसके चलते क्षेत्र से लगातार पलायन बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि टिहरी बांध से प्रभावित और विस्थापित हजारों परिवार आज भी अपने अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हनुमंता राव समिति की सिफारिशों के अनुसार प्रभावितों को बिजली और पानी रियायती दरों पर उपलब्ध कराने का मुद्दा लंबे समय से लंबित है, लेकिन इस विषय पर भी मुख्यमंत्री के संबोधन में कोई स्पष्टता नहीं दिखाई दी।
राणा ने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए केवल उत्सव और मंचीय भाषण पर्याप्त नहीं हैं। सरकार को इन ज्वलंत मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना लागू करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि टिहरी की जनता ने वर्तमान सरकार को एकतरफा बहुमत दिया है, इसलिए अब जनता केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस विकास और न्याय की अपेक्षा कर रही है।


