उत्तराखंडराजनीतिविविध न्यूज़

सड़क से अदालत तक—अब कानून की ताकत भी बनेगी गैरसैंण का ढाल ! दिल्ली हाई कोर्ट के एडवोकेट भुवन चंद जुयाल ने संभाली आज अनशन की कमान

Please click to share News

खबर को सुनें

नौवें दिन भी जारी रहा ‘प्रण से प्राण तक’ महा-अनशन—दिल्ली से देहरादून तक न्याय की हुंकार

देहरादून, 16 मार्च 2026। उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण के संवैधानिक हक की लड़ाई अब केवल भावनाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें ‘कानून की गर्जना’ भी शामिल हो गई है। एकता विहार में जारी प्रण से प्राण तक क्रमिक अनशन के नौवें दिन, दिल्ली हाई कोर्ट के प्रतिष्ठित अधिवक्ता (एडवोकेट) भुवन चंद जुयाल ने अनशन की वेदी पर बैठकर सत्ता को सीधी कानूनी और नैतिक चुनौती दी।

राजधानी के नाम पर पहाड़ों के साथ हो रहे इस ऐतिहासिक छल के विरुद्ध दिल्ली से विशेष रूप से आए एडवोकेट भुवन चंद ने सरकार की घेराबंदी करते हुए कहा, यह आंदोलन अब केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक संवैधानिक विद्रोह है। गैरसैंण का राजधानी न होना उत्तराखंड राज्य निर्माण की मूल भावना की हत्या है। हम सड़क पर संघर्ष के साथ-साथ अब सरकार को कानून के कटघरे में भी खड़ा करेंगे। जब कानून और क्रांति एक साथ मिलते हैं, तो निरंकुश सत्ताओं का अंत निश्चित होता है। गैरसैंण हमारा संवैधानिक अधिकार है, और इसे हम लेकर रहेंगे।

मुख्य संयोजक पूर्व IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी के रणनीतिक नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में आज एडवोकेट भुवन चंद के शामिल होने से इसे नई विधिक शक्ति मिली है।


Please click to share News

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!