राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में सात दिवसीय एनएसएस शिविर का भव्य समापन, स्वयंसेवियों के कार्यों की सराहना

टिहरी गढ़वाल 20 मार्च। राजकीय महाविद्यालय खाड़ी की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का गुरुवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्री शिशुपाल सिंह सजवाण, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती कल्पना पंवार और श्री अरण्य रंजन सिंह पंवार उपस्थित रहे। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, प्राचार्य एवं स्वयंसेवियों द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया। अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी श्रीमती मीना ने सात दिवसीय शिविर की विस्तृत आख्या प्रस्तुत करते हुए स्वयंसेवियों द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि श्री सजवाण ने स्वयंसेवियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और समाज सेवा की भावना विकसित करने का सशक्त मंच है। उन्होंने युवाओं को भविष्य का आधार बताते हुए उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती कल्पना पंवार ने कहा कि एनएसएस का मूल मंत्र “स्वयं से पहले आप” समाज सेवा की उत्कृष्ट भावना को दर्शाता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को समाज से जुड़े रहकर कार्य करने की प्रेरणा दी। वहीं श्री अरण्य रंजन सिंह पंवार ने स्वयंसेवियों द्वारा किए गए स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता कार्यों की सराहना करते हुए स्थानीय संस्कृति, परंपरा और उत्पादों के संरक्षण पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवियों को सम्मानित किया गया तथा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया गया।
समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार सिंह ने स्वयंसेवियों को बधाई देते हुए कहा कि शिविर अपने निर्धारित उद्देश्यों को पूर्ण करने में सफल रहा है और विद्यार्थियों ने अनुकरणीय कार्य किए हैं। अंत में कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती मीना ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी, स्वयंसेवी एवं स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



