सेवा, साधना और संस्कारों का अद्भुत संगम है चिदानंद मुनि का जीवन — स्वामी रसिक महाराज 

Govind Pundir
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ऋषिकेश 3 जून। परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज का 75वाँ अवतरण दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं सेवा भाव के साथ भव्य रूप से मनाया गया। यह विशेष समारोह पर्यावरण संरक्षण, लोकमंगल तथा वैश्विक कल्याण को समर्पित रहा, जिसमें भारत सहित अनेक देशों से आए संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं, योग साधकों एवं गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता कर स्वामी जी के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।

इस अवसर पर परमार्थ निकेतन परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति रस से ओतप्रोत दिखाई दिया। उपस्थित संतों एवं वक्ताओं ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी द्वारा मानव सेवा, गंगा संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता तथा विश्व शांति के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें युगद्रष्टा संत बताया।

समारोह में योग गुरु बाबा रामदेव जी जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी 

दीदी मां ऋतम्बरा जी , महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द जी, महामण्डलेश्वर स्वामी ज्ञानानन्द जी, महन्त रविन्द्र पुरी जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी, रामकथा वाचक मुरलीधर जी सहित अनेक संत-महात्मा एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका जीवन सेवा, साधना और संस्कारों का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों तथा पर्यावरण संरक्षण के संदेश को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने का ऐतिहासिक कार्य किया है।

समारोह में देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के दीर्घायु, स्वस्थ एवं यशस्वी जीवन की कामना की। पूरे कार्यक्रम में आध्यात्मिकता, सेवा और मानवता का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिसने उपस्थित जनसमूह को प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान की। स्वामी जी का 75वाँ अवतरण दिवस लोककल्याण, पर्यावरण संरक्षण और विश्व बंधुत्व के संदेश के साथ एक ऐतिहासिक आयोजन के रूप में संपन्न हुआ।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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