12 साल के बच्चे को बाघ ने बनाया निवाला, गांव में दहशत

Govind Pundir
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रविवार शाम की है घटना

घनसाली से लोकेंद्र जोशी की रिपोर्ट। घनसाली 28 नवंबर, भिलंगना विकासखंड, टिहरी गढ़वाल के बालगंगा रेंज से दुख भरी घटना सामने आई है। जहां तहसील बालगंगा के ग्राम- मयकोट निवासी- अर्णव चंद उम्र 12 वर्ष पुत्र रणवीर चंद रमोला अपने घर से 500 मीटर की दूरी पर ग्राम मयकोट में ही अपने दोस्तों के साथ  खेलने गया था। सायं लगभग- 5:00 बजे के करीब मयकोट से  अपने घर आते मास्टर अर्णव को रास्ते में ही आदमखोर गुलदार ने हमला कर अपना निवाला बना दिया। जब घर न पहुंचे  बालक अर्णव चंद की ढूंढ हुई तो पता चला अर्णव चंद कहीं लापता हो गया है। इसकी सूचना गांव में आग की तरह फैल गई और इसकी सूचना थाना- घनसाली को दी गई। थानेदार घनसाली ने इसकी सूचना वन विभाग और अन्य को दी। 

वही बालगंगा रेंजर प्रदीप चौहान ने बताया है कि थाने घनसाली से सूचना मिली है कि ग्राम सभा मयकोट से 5:00 बजे से अर्णव चंद लापता है। जिस पर वन विभाग बालगंगा रेंज, राजस्व विभाग, थाना घनसाली ने ग्रामीणों के सहयोग से संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाकर रात्रि 2:30 रात्रि करीब अर्णव चंद को गाँव से लगभग 500 मीटर की दूरी पर झाड़ियों मे संभवतः गुलदार के हमले का शिकार हुए मृत पाया गया।

अर्णव के शव को पोस्टमार्टम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी ले जाया गया है। अर्णव चंद 2 भाई एवं एक बहन के साथ सबसे छोटा भाई था। जबकि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय केमरियासौड में कक्षा 6 का छात्र था। वही बालगंगा रेंजर प्रदीप चौहान ने बताया है कि क्यूआरटी की टीम पिंजरे सहित मौके पर बुला ली गई है ,साथ ही शूटर गंभीर सिंह भंडारी से बातचीत हो गई है। आदेश मिलते ही आदमखोर गुलदार को मारने की तैयारी लगभग तय हो चुकी है।

अर्णव चंद 2 भाई एवं एक बहन के साथ सबसे छोटा भाई था। जबकि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय केमरिया सौड में कक्षा 6 का छात्र था। वही बालगंगा रेंजर प्रदीप चौहान ने बताया है कि क्यूआर टी की टीम पिंजरे सहित मौके पर बुला ली गई है ,साथ ही शूटर गंभीर सिंह भंडारी से बातचीत हो गई है। आदेश मिलते ही आदमखोर गुलदार को मारने की तैयारी लगभग तय हो चुकी है।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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