तिलाड़ी दिवस को वनाधिकार दिवस के रूप में मनाने के लिये साधुवाद-किशोर

Govind Pundir
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टिहरी गढ़वाल 30 मई 2023। तिलाड़ी दिवस को वनाधिकार दिवस के रूप में मनाने के लिये टिहरी विधायक व संयोजक, वनाधिकार आंदोलन
अध्यक्ष, वैश्विक हिमालय संघ” किशोर उपाध्याय ने वहाँ के सभी साथियों को अंतर्मन से साधुवाद दिया है।
उपाध्याय ने अपने सन्देश में कहा है किः-
“तिलाड़ी दिवस को वनाधिकार दिवस के रूप में मनाने के लिये आपको व आपके सभी साथियों को अंतर्मन से साधुवाद।
अपने वनों पर अपने पुश्तैनी हक़-हकूकों व अधिकारों को लेकर गिरि जनों व वनों पर आधारित समुदायों का विश्व का प्रथम अहिंसक आंदोलन था।
हमारा जीवन वनों पर आधारित था। हमारी 72% भूमि छीन ली गयी और उसका कोई प्रतिकर नहीं दिया गया।
आज Global Warming व Climate Change वैश्विक त्रासदी बनने जा रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिकों ने कहा है कि यदि हिमालय का प्रबंधन ठीक नहीं किया गया तो अगले 50 वर्षों में हिमालय पर एक बूँद बर्फ़ न बचेगी, तब गंगा-यमुना, भारत व विश्व की क्या स्थिति होगी? दुनिया बचेगी भी या नहीं? अति विकसित देशों का अधिकतर हिस्सा समुद्र बन जायेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक पेड़ लगभग 75हज़ार रुपये की पर्यावरणीय सेवाओं देता है।
हमें 75 की बजाय 20 हज़ार भी हर वृक्ष का मिल जाय तो कोटधार के लोगों को कहीं जाने और कुछ करने की आवश्यकता नहीं है, वे विश्व के सबसे अमीरों में शुमार होंगे।
जीवित रहने के लिये प्राण वायु, जल और अन्न बेसिक हैं, उनकी कोई कद्र नहीं है।
हिमालय और गंगा भारत को पुनः सोने की चिड़िया बना सकते हैं, उत्तराखंड को सर्वोत्तम राज्य और पूर्ववर्ती टिहरी राज्य को विश्व का सिरमौर बना सकते हैं।
तिलाड़ी के शहीदों की पवित्र आत्मायें हमें सदबुद्धि प्रदान करें।
आप थोड़ा समय से मुझे सूचित करते तो मैं अवश्य उपस्थित होता, मैं आज प्रातः ही उत्तराखंड से बाहर के लिये निकला हूँ, इसलिये उपस्थित न हो पाने के लिये क्षमा प्रार्थी हूँ
वनाधिकारों के लिये संघर्ष की प्रेरणा भी यहीं से 2018 में मिली थी।
हुतात्माओं को कोटि-कोटि नमन।
आपके सदप्रयासों के लिये साधुवाद।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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