12 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम सम्पन्न

Garhninad Desk
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ऋषिकेश 12 अप्रैल। ऋषिकेश, 12 अप्रैल। उद्यमिता विकास कार्यक्रम के समापन पर परिसर निदेशक प्रोफेसर एम. एस. रावत ने बताया कि इस कार्यक्रम ने छात्रों के आंतरिक और बाहरी विकास को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि सहयोगात्मक अभ्यास ने रचनात्मकता और नवीनता को बढ़ावा दिया, जिससे उद्यमों का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर जी एस ढींगरा ने छात्रों को उद्यमशीलता की भावना को अपनाने की प्रेरणा दी और उन्हें साहसपूर्वक सोचने और निर्णायक रूप से कार्य करने का संकेत दिया। वाणिज्य संकाय की डीन प्रोफेसर कंचन लता सिन्हा ने उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और छात्रों को आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने में उद्यमिता का महत्व समझाया। उन्होंने आज के प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक परिदृश्य में सफलता के लिए उद्यमियों को आवश्यक कौशल, ज्ञान, और संसाधनों के महत्व पर जोर दिया।

विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर जी एस ढींगरा ने कहा कि आज जैसे ही हम इस कार्यक्रम का समापन कर रहे हैं, मैं आप सभी से सीखे गए सबक, बनाए गए संबंधों और प्राप्त अनुभवों को आगे बढ़ाने का आग्रह करता हूं। उन्होंने कहा कि हम उद्यमशीलता की भावना को अपनाना जारी रखें, साहसपूर्वक सोचें, निर्णायक रूप से कार्य करें और अटूट दृढ़ संकल्प के साथ अपने सपनों को आगे बढ़ाएं। प्रचुर शैक्षणिक और पेशेवर अनुभव के साथ वाणिज्य संकाय की डीन प्रोफेसर कंचन लता सिन्हा ने छात्रों के बीच उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने में ऐसे कार्यक्रमों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने, नवाचार को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने में उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।देवभूमि उद्यमिता योजना की नोडल अधिकारी, प्रोफेसर अनिता तोमर ने बताया कि शुरू से ही, हमारा मिशन स्पष्ट था: छात्रों को उद्यमशीलता के क्षेत्र में सफलता के लिए आवश्यक उपकरण, ज्ञान और मानसिकता से लैस करना। आज जब हम पिछले 12 दिनों पर विचार करते हैं, तो मुझे यह बताते हुए अत्यधिक गर्व होता है कि हमने न केवल इस उद्देश्य को पूरा किया है, बल्कि इसे पार भी किया है। पूरे कार्यक्रम के दौरान, हमने अवधारणा से लेकर कार्यान्वयन तक, विपणन रणनीतियों से लेकर वित्तीय प्रबंधन तक, उद्यमिता के हर पहलू पर गहराई से विचार किया।

ई.डी.आई.आई. अहमदाबाद और देवभूमि उदयमिता टीम के प्रति आभार व्यक्त करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके समर्थन और सहयोग ने उद्यमिता विकास कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

छात्रों से बातचीत के दौरान, श्री सिद्धार्थ रावत ने उन्हें यह संदेश दिया कि उद्यमशीलता प्रयास करने में हमें अपने उद्देश्य के प्रति जुनून और स्वयं पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के उद्यमिता विकास कार्यक्रम का एक अहम विशेषता है कि यह छात्रों को कल के उद्यमी और परिवर्तनकारी नेता बनाने का माध्यम है।

श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के वाईस-चांसलर, माननीय प्रोफेसर एन.के. जोशी ने बताया कि 12-दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम एक असाधारण यात्रा है, जो सीखने, विकास और प्रेरणा के साथ जुड़ा है। छात्र कल के उद्यमी और परिवर्तन-निर्माता हैं।

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