सरकार हर मोर्चे पर विफल: शांति प्रसाद भट्ट, प्रवक्ता उत्तराखंड कांग्रेस

Garhninad Desk
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टिहरी गढ़वाल, 15 जून । शांति प्रसाद भट्ट, प्रवक्ता उत्तराखंड कांग्रेस, ने धामी सरकार पर हर मोर्चे पर विफल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार पेयजल आपूर्ति, वनाग्नि, चार धाम यात्रा, सड़क सुरक्षा, मादक पदार्थों की रोकथाम, महिलाओं के खिलाफ अपराध, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर असफल रही है।

अल्मोड़ा (बिनसर अभ्यरण) में वनाग्नि की घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए, भट्ट ने चार वन कर्मियों के निधन पर संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में उत्तराखंड के जंगलों में आग की 1100 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे 1000 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र जलकर राख हो गया है।

भट्ट ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अन्य राज्यों के चुनावों में व्यस्त थी, जबकि उत्तराखंड के बेशकीमती जंगल, नदियों और ग्लेशियरों की सुरक्षा की अनदेखी की गई। उन्होंने फॉरेस्ट महकमे में नीति परिवर्तन की मांग करते हुए कई सवाल उठाए:

  • फायर लाइनों की कटाई और फायर वाचरों की नियुक्ति क्यों नहीं हुई?
  • वन पंचायतों को सक्रिय क्यों नहीं किया गया?
  • फायर सीजन को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया?
  • परंपरागत पानी के स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए टास्क क्यों नहीं दिया गया?

उन्होंने मांग की कि दिवंगत वन कर्मियों के परिजनों को शीघ्र क्षतिपूर्ति राशि और सरकारी नौकरी दी जाए तथा घायलों का इलाज सरकारी खर्चे पर हो।

उत्तराखंड की स्थिति:

  • 72% भाग वनाच्छादित
  • 18% भाग हिमाच्छादित
  • 12,000 से अधिक ग्लेशियर
  • 11 बड़ी नदियाँ

भट्ट ने सुझाव दिया कि चीड़ के पेड़ों को हटाकर चौड़ी पत्ती के पेड़ लगाए जाने चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसके लिए क्लस्टर बनाकर केंद्र सरकार से अनुमति मांगी थी, जिसे अब भाजपा सरकार को लागू करना चाहिए।

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