डिजिटल अरेस्ट और निवेश के झांसे में 1.19 करोड़ की ठगी, पुलिस जांच में जुटी

देहरादून/ऋषिकेश। साइबर अपराधियों ने सरकारी एजेंसियों का भय दिखाकर और निवेश का लालच देकर दो अलग-अलग मामलों में कुल 1 करोड़ 19 लाख रुपये की ठगी कर ली। दोनों मामलों में साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले मामले में गंगानगर, ऋषिकेश निवासी 81 वर्षीय रिटायर्ड बैंक अधिकारी भगवत नारायण झा और उनकी पत्नी को “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर करीब 69 लाख रुपये ठग लिए गए। ठगों ने खुद को ईडी, साइबर सेल और सुप्रीम कोर्ट का अधिकारी बताकर आधार नंबर से 10 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन का डर दिखाया। करीब दो महीने तक व्हाट्सएप और वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में रखकर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई।
दूसरे मामले में ऋषिकेश निवासी पंकज कुमार चौहान से शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 50.20 लाख रुपये ठग लिए गए। व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर मुनाफे का भरोसा दिलाया गया और रकम ट्रांसफर होते ही ग्रुप व एप डिलीट कर दिए गए।
साइबर एएसपी कुश मिश्रा ने बताया कि जिन खातों में धनराशि गई है, उनकी जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट, सरकारी धमकी या निवेश के लालच में न आएं और तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।



