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नई टिहरी रामलीला के सप्तम दिवस में सीता हरण, श्रीराम-हनुमान मिलन और बाली-सुग्रीव युद्ध ने बांधा समां

Govind Pundir
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टिहरी गढ़वाल 28 मई। नई टिहरी रामलीला के सप्तम दिवस पर धार्मिक आस्था, भक्ति और वीरता से ओतप्रोत प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग देर रात तक पांडाल में डटे रहे। कलाकारों के सजीव अभिनय और प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरबीर सिंह सजवान तथा कांग्रेस प्रवक्ता एवं श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून के अध्यक्ष अभिनव थापर उपस्थित रहे।

इस मौके पर श्री सजवाण ने नई टिहरी रामलीला की परंपरा, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 से निरंतर आयोजित हो रही टिहरी रामलीला पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। उन्होंने कलाकारों के अभिनय की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी कलाकार अपने पात्रों को पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ मंच पर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में रामलीला देखी है, लेकिन टिहरी की रामलीला अपनी प्रस्तुति, संवाद शैली और अनुशासन के कारण सबसे अलग और श्रेष्ठ दिखाई देती है।

वहीं अभिनव थापर जी ने कहा कि जिस सोच के साथ उन्होंने देहरादून में टिहरी की रामलीला को पुनर्जीवित करने का रोडमैप तैयार किया था, आज वह अपने लक्ष्य के काफी करीब पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में प्रारंभ हुई यह रामलीला मात्र तीन वर्षों में भारत की प्रमुख पांच रामलीलाओं में अपनी पहचान बना चुकी है। पिछले वर्ष इस रामलीला को रिकॉर्ड 85 लाख लोगों ने देखा, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने समस्त भारत की जनता एवं राम भक्तों का आभार व्यक्त किया।

रामलीला समिति के अध्यक्ष श्री देवेंद्र नौडियाल एवं समिति के अन्य सदस्यों ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

सातवें दिन की रामलीला की शुरुआत वन में माता सीता के पर्णकुटी में विराजमान होने से हुई। इसी दौरान मारीच स्वर्ण मृग का रूप धारण कर वहां पहुंचता है। स्वर्ण मृग को देखकर माता सीता भगवान राम से उसे पकड़कर लाने का आग्रह करती हैं। भगवान राम मृग के पीछे वन की ओर चले जाते हैं। कुछ समय बाद मारीच प्रभु राम की आवाज में पुकार लगाता है, जिसे सुनकर माता सीता व्याकुल हो उठती हैं और लक्ष्मण जी को प्रभु राम की खोज में भेज देती हैं। जाने से पहले लक्ष्मण जी माता सीता की सुरक्षा के लिए लक्ष्मण रेखा खींचते हैं।

इसी बीच रावण साधु का वेश धारण कर भिक्षा मांगने पहुंचता है। जैसे ही माता सीता लक्ष्मण रेखा पार कर भिक्षा देने आगे बढ़ती हैं, रावण अपने असली स्वरूप में प्रकट होकर उनका हरण कर लेता है। इस दृश्य के मंचन ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

सीता हरण के बाद आकाश मार्ग में रावण और जटायु के बीच हुए युद्ध का प्रभावशाली मंचन किया गया। जटायु द्वारा माता सीता की रक्षा के लिए रावण से संघर्ष और रावण द्वारा उसके पंख काटने का दृश्य बेहद मार्मिक रहा। बाद में भगवान राम और लक्ष्मण जब जटायु के पास पहुंचते हैं, तब जटायु उन्हें सीता हरण की जानकारी देता है।
रामलीला में शबरी प्रसंग ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। शबरी द्वारा प्रभु श्रीराम को प्रेमपूर्वक मीठे बेर खिलाने का अभिनय अत्यंत भावुक और सराहनीय रहा। इसके बाद भगवान श्रीराम और हनुमान जी के प्रथम मिलन का मंचन हुआ। प्रभु श्रीराम को सामने देखकर हनुमान जी का भाव-विभोर होकर चरणों में नतमस्तक होना पूरे पांडाल को भक्तिमय वातावरण में डुबो गया।
सप्तम दिवस पर बाली-सुग्रीव युद्ध का भी शानदार मंचन किया गया। युद्ध के दृश्यों और कलाकारों की संवाद अदायगी पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।
आज विशिष्ट अतिथि के रूप में अंबिका सजवाण पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत टिहरी, संदीप शर्मा जनरल मैनेजर GE कंपनी कोटी कॉलोनी, भगवान सिंह रावत अध्यक्ष व्यापार मंडल नई टिहरी, अमोद नौटियाल मत्स्य निरीक्षक, सुरेंद्र राणा होटल हरी मंगलम बौराड़ी, हरी कृष्ण लांबा अध्यक्ष गीता भवन, राकेश राणा पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस, आशा रावत महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष टिहरी, सीनियर जज दयाराम जी, नरेंद्र रमोला वरिष्ठ कांग्रेस नेता, कुलदीप पंवार शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं उनकी धर्मपत्नी रेणु पंवार, दुर्गा भट्ट एवं शशि पैन्यूली सदस्य रामलीला समिति देहरादून, राजेंद्र डोभाल वरिष्ठ भाजपा नेता, माया राम थपलियाल व्यवसायी नई टिहरी, बेताल सिंह कुमाईं, संजीव भट्ट प्रवक्ता DIET, उमा दत्त डंगवाल अधिवक्ता, अनिता रावत महिला कांग्रेस नेता, लक्ष्मी रावत प्रधान प्रतापनगर, ममता उनियाल कांग्रेस नेता, प्रकाश डोभाल पूर्व अध्यक्ष व्यापार मंडल नई टिहरी, शक्ति प्रसाद चमोली इंजीनियर THDC, असद आलम क्रिकेट प्रशिक्षक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर समिति के संयोजक डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, संरक्षक मोहन सिंह रावत (अध्यक्ष, नगर पालिका), कमल सिंह महर, महावीर उनियाल, देशभूषण जोशी, महासचिव अमित पंत, मनोज शाह, त्रिलोक चंद्र रमोला, राजेन्द्र असवाल, राकेश मोहन भट्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश लांबा, उपाध्यक्ष भगवान चंद रमोला, मनोज राय, सुषमा उनियाल, रचना उनियाल, जशोदा नेगी, सभासद उर्मिला राणा, निर्देशक अनुराग पंत, सचिव गंगा भगत नेगी, नन्दू वाल्मीकि, सीताराम भट्ट, भवानी भाई, अनुसूया नौटियाल, सीमा पंत, हरीश गिरी, कमल सिंह महर, अनुज पंत, हरीश घिल्डियाल, जयेंद्र पांडे, शिवम गिरी, मनीष पंत, गोविन्द सिंह पुंडीर, अंकित पांडे, अंजलि गिरी, अंजलि विश्वकर्मा, परिधि पंत, शंकर सैनी, अनिका पंत, कल्पना पांडे, ममता पंत, गबर तथा सूरज गिरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं श्रद्धालु भी मौजूद रहे।
मंच का संचालन समिति के संरक्षक सतीश थपलियाल ने किया।


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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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