देहरादून। NEET पेपर लीक प्रकरण और CBSE के OSM Evaluation System के विरोध में सोमवार को NSUI ने उत्तराखंड सचिवालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान हजारों छात्र-छात्राओं और NSUI कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा NTA को समाप्त करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही अनियमितताओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

आंदोलन के दौरान छात्रों और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत, राष्ट्रीय संचार सचिव वैभव वालिया, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश प्रवक्ता अभिनव थापर, युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विशाल भोजक, NSUI प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी, गरिमा दसौनी, एससी विभाग प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल, जिलाध्यक्ष संजय किशोर, हिमांशु रावत, प्रदीप तोमर, प्रकाश नेगी बाल सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे मामलों ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि मेहनत और प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
डॉ. रावत ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों और NSUI कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाए जाने की निंदा करते हुए कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठा रहे युवाओं को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि युवाओं के अधिकारों, रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
आंदोलनकारियों ने भी कहा कि युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती।




