देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 77वाँ गणतंत्र दिवस

विकसित भारत–2047 का सपना कौशलयुक्त, तकनीकी रूप से सक्षम और नवाचारी युवाओं से ही होगा साकार– कुलपति प्रो. एन.के.जोशी
टिहरी गढ़वाल। श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय मुख्यालय में 77वाँ गणतंत्र दिवस अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। ध्वजारोहण से पूर्व कुलपति महोदय ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
ध्वजारोहण उपरांत आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ, जिसके साथ ही देश एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक गणराज्य बना। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी सतत स्मृति कराता है।
कुलपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका मूल उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ते हुए ऐसे युवाओं का निर्माण करना है, जो वर्ष 2047 तक भारत को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने में अग्रणी भूमिका निभा सकें।
उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने, अनुशासन व परिश्रम को अपनाने तथा शिक्षा को राष्ट्र सेवा का सशक्त माध्यम बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा ही कल के भारत का निर्माता है, इसलिए विद्यार्थियों को तकनीक का सकारात्मक उपयोग करते हुए आत्मनिर्भर, नवाचारी और जिम्मेदार नागरिक बनना चाहिए।
“विकसित भारत-2047” के लक्ष्य पर विशेष बल देते हुए कुलपति ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में शिक्षण संस्थानों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हमारे विद्यार्थी कौशलयुक्त, तकनीकी रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर और नवाचारी सोच वाले होंगे।
उन्होंने विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करने की अपील की तथा कहा कि शिक्षा, प्रशासन और सेवा—तीनों क्षेत्रों में संवैधानिक मूल्यों को व्यवहार में उतारना ही सशक्त राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री दिनेश चंद्रा ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है और प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे।
कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. हेमंत बिष्ट ने किया। समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, बी.सी.ए. संकाय सदस्य, कर्मचारीगण तथा बी.सी.ए. के छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। राष्ट्रगान एवं देशभक्ति नारों के साथ पूरे परिसर में राष्ट्रीय पर्व को उत्साह और गौरव के साथ मनाया गया।



