पूर्व विधायक बलबीर सिंह नेगी के निधन से प्रदेश में शोक की लहर

टिहरी गढ़वाल। टिहरी गढ़वाल की राजनीति के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष बलबीर सिंह नेगी का आज उपचार के दौरान अपराह्न लगभग 3 बजे कैलाश अस्पताल, देहरादून में निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही टिहरी जनपद सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है।
बलबीर सिंह नेगी उत्तराखंड के उन चुनिंदा नेताओं में रहे, जिन्हें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड—दोनों विधानसभाओं का सदस्य बनने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने वर्ष 1989 में टिहरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वे वर्ष 2002 से 2007 तथा 2007 से 2012 तक घनसाली विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे।
राजनीतिक जीवन के साथ-साथ उन्होंने संगठनात्मक और स्थानीय स्वशासन में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। वे भिलंगना ब्लॉक के दो बार ब्लॉक प्रमुख रहे तथा वर्ष 1996 से 2002 तक जिला पंचायत टिहरी गढ़वाल के सदस्य के रूप में कार्य किया। कांग्रेस पार्टी में उन्होंने प्रदेश उपाध्यक्ष सहित अनेक अहम दायित्वों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया। पार्टी और क्षेत्र के लोग उन्हें कांग्रेस परिवार के “गार्जियन” के रूप में याद कर रहे हैं।
उनके निधन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने एक धीर-गंभीर, अनुभवी और कर्मठ नेता को खो दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उन्हें लोकतंत्र का सजग प्रहरी बताते हुए अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
विधायक विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि बड़े भाई समान उनका मार्गदर्शन और अनुभव सदैव स्मरणीय रहेगा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुरारीलाल खंडवाल , प्रदेश प्रवक्ता शांति भट्ट सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने इसे पार्टी और टिहरी जनपद के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
पूर्व जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुखों, कांग्रेस पदाधिकारियों, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और विभिन्न मोर्चों से जुड़े नेताओं ने भी शोक संवेदना व्यक्त की। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।



