स्वामी रसिक महाराज की उपस्थिति में समाज सेविका प्रभा देवी जी का हरिद्वार में अंतिम संस्कार, क्षेत्र में शोक की लहर

हरिद्वार 12 मार्च । गुरुवार को खड़कड़ी श्मशान घाट पर समाज सेविका प्रभा देवी घिल्डियाल का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान से किया गया , जहां पर उनके सबसे छोटे पुत्र प्रमोद शंकर उर्फ बब्बू घिल्डियाल ने मुखाग्नि दी। उनके निधन की खबर सुनते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
प्रभा देवी जी मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के खिर्सू ब्लाक के कगडी अपने पैतृक गाँव से जुड़ी हुई थीं, लेकिन लंबे समय से कभी दिल्ली तो कभी देहरादून में निवास कर रही थीं। अपने जीवनकाल में उन्होंने समाज सेवा, धार्मिक कार्यों तथा जनकल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
प्रभा देवी जी का स्वभाव सरल और सेवा भाव से भरा हुआ था। उन्होंने कई बार अपने गाँव और आसपास के क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों की आर्थिक सहायता की तथा धार्मिक आयोजनों में दान देकर सहयोग किया। उनके द्वारा किए गए कार्यों को क्षेत्र के लोग हमेशा याद करेंगे।
उनके निधन के पश्चात हरिद्वार में आयोजित अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार, मित्रगण और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित हुए। सभी ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज, अध्यक्ष सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश, कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने प्रभा देवी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे धर्म और समाज सेवा के कार्यों में सदैव अग्रणी रहती थीं और उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
स्वामी रसिक महाराज ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और भगवान से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
अंतिम संस्कार में उनके सुपुत्र समाजसेवी दिनेश घिल्डियाल, उघोगपति रवि घिल्डियाल, प्रभात घिल्डियाल, श्री प्रमोद शंकर घिल्डियाल क्षेत्र के अनेक सम्मानित व्यक्ति, ग्रामीण महिलाएँ, युवा एवं बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि प्रभा देवी जी का जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित रहा और उनका नाम सदैव सम्मान के साथ लिया जाएगा।



