टिहरी गढ़वाल । ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पावन पर्व नई टिहरी के बौराड़ी ईदगाह में शनिवार को पूरे हर्षोल्लास, भाईचारे और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। सुबह ठीक 8:30 बजे ईद की विशेष नमाज अदा की गई, जिसमें दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। नमाज इमाम मौलाना मोहम्मद असजद शमसी ने अदा करवाई।
इस अवसर पर मौलाना असजद शमसी ने अपने संबोधन में हजरत इब्राहिम और हजरत इस्माइल की कुर्बानी की मिसाल को याद करते हुए कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, समर्पण और अल्लाह के प्रति सच्ची निष्ठा का पर्व है। उन्होंने बताया कि अल्लाह के हुक्म पर हजरत इब्राहिम अपने सबसे प्यारे बेटे हजरत इस्माइल की कुर्बानी देने को तैयार हो गए थे। यह अल्लाह की ओर से लिया गया इम्तेहान था, जिसमें उनकी वफादारी और ईमानदारी की परीक्षा हुई। इसी घटना की याद में कुर्बानी की परंपरा शुरू हुई।
नमाज के बाद मुल्क की तरक्की, अमन-चैन, आपसी भाईचारे और देशवासियों की सलामती के लिए विशेष दुआ की गई। साथ ही सभी लोगों को बीमारियों और परेशानियों से महफूज रखने की प्रार्थना भी की गई।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव मुशर्रफ अली ने कहा कि ईद-उल-अजहा सुन्नते इब्राहिम की पैरवी का त्योहार है, जो त्याग, प्रेम और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ईद भाईचारे और आपसी मेल-मिलाप का पर्व है, जहां लोग एक-दूसरे से गले मिलकर दिलों की दूरियां मिटाते हैं और प्रेम बढ़ाते हैं। उन्होंने पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का आभार भी व्यक्त किया।
ईदगाह में जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल शफीक, सचिव मोहम्मद परवेज, आबिद बेग, फिरोज खान, नईम अहमद, रोशन बेग, मुनव्वर हसन, हाजी महमूद हसन, शकील अहमद, जामा मस्जिद फैज-ए-आम के सदर अब्दुल इरशाद, अब्दुल सलाम, अब्दुल वकार, मुश्ताक बेग, फरीद खान, असद आलम, सरताज अली, साजिद रहमान, मो. परवेज समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
नई टिहरी में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ईद-उल-अजहा, अमन-चैन और मुल्क की तरक्की के लिए मांगी दुआएं

*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन
वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।



