अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री के समक्ष रखीं अपनी मांगें

Garhninad Desk
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देहरादून । शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षा निदेशालय सभागार देहरादून में बुलाई गई बैठक में अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने विभिन्न मांगें रखीं और मंत्री को ज्ञापन सौंपा। संघ ने तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण, मानदेय प्राप्त पीटीए शिक्षकों को तदर्थ नियुक्ति देने, तदर्थ और वित्त विहीन शिक्षकों की सेवाओं का लाभ चयन, प्रोन्नत वेतनमान और सेवा निवृत्तिक लाभ में प्रदान करने की मांग की।

अन्य मांगों में प्रभारी प्रधानाचार्यों को डाउनग्रेड प्रदान करना, डाउनग्रेड प्रधानाचार्यों को ढाई वर्ष में पूर्ण वेतनमान देना, राजकीय की तरह अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों और छात्रों को सभी लाभ प्रदान करना शामिल था। संघ ने वित्त विहीन विद्यालयों को प्रोत्साहन राशि के बजाय पूर्ण वेतन अनुदान देने और प्रधानाचार्य के पदों को शत-प्रतिशत पदोन्नति का पद घोषित करने की मांग की।

संघ ने उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों की सेवाओं को चयन और प्रोन्नत वेतनमान में मान्य करने, अनुभागों का निर्धारण राजकीय विद्यालयों की तर्ज पर करने, मानदेय से वंचित पीटीए शिक्षकों को मानदेय देने और शिक्षक-कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की बात कही।

इसके साथ ही चतुर्थ श्रेणी के पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति देने, अशासकीय विद्यालयों के प्रांतीयकरण की प्रक्रिया शुरू करने और 2005 से पहले नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने की मांग रखी गई। संघ ने दुर्घटना बीमा योजना का लाभ राजकीय की तरह देने और अशासकीय विद्यालयों को समग्र शिक्षा, पीएम श्री योजना और जिला योजना से लाभ दिलाने की भी अपील की।

बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष संजय बिजल्वाण, प्रांतीय महामंत्री महादेव मैठाणी, जिला संरक्षक देहरादून आर.सी. शर्मा, जिलाध्यक्ष अनिल नौटियाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश डोबरियाल, जिला मंत्री टिहरी गढ़वाल शिव सिंह रावत, संयुक्त मंत्री गिरीश सेमवाल, योगेश मिश्रा, अजय शर्मा, नितिन कुमार, और कमलेश गौड़ सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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