स्वामी विवेकानंद जयंती पर इतिहास विभाग का ऑनलाइन वेबिनार, युवा सशक्तिकरण पर हुआ मंथन

ऋषिकेश। राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश में इतिहास विभाग द्वारा एक ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार का विषय स्वामी विवेकानंद की युवा सशक्तिकरण की परिकल्पना रहा।
माननीय कुलपति प्रो. एन.के. जोशी ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए आयोजन की सराहना की। परिसर निदेशक प्रो. एम.एस. रावत ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार युवाओं में आत्मविश्वास, नैतिकता और राष्ट्रनिर्माण की भावना जागृत करते हैं।
मुख्य वक्ता डॉ. मोना (इतिहास विभागाध्यक्ष, देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार) ने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, युवा सहभागिता, महिला सशक्तिकरण, मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं विकसित भारत 2047 की संकल्पना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “विवेकानंद का दर्शन पढ़ने के लिए नहीं, जीने के लिए है।”
वेबिनार की संयोजिका प्रो. संगीता मिश्रा एवं सह-संयोजक डॉ. अर्जुन सिंह रहे। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. हेमलता मिश्रा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में कला संकाय अध्यक्ष प्रो. प्रशांत कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
वेबिनार में विभिन्न संकायाध्यक्षों, प्राध्यापकों सहित 90 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



