कुलपति डॉ0 ध्यानी, बोले ‘‘सफलता के पथ में असफलता को हावी न होने दें’’

देहरादून/नई टिहरी। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर ऋषिकेश में शिक्षकों के समायोजन प्रक्रिया जोर-शोर से चल रही है। पिछले दो दिनों में 56 शिक्षकों का विश्वविद्यालय की सेवा में समायोजन हो चुका है।
कुलपति डॉ0 ध्यानी आज शुक्रवार को ऋषिकेश परिसर पहुंचे और सभी समायोजित शिक्षकों से रूबरू हुए। उन्होंने अपनी दूरदर्शिता, काम करने का ढंग के साथ साथ शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए और शैक्षणिक भ्रष्टाचार को समग्र रूप से दूर करने के लिये अपने मूल मंत्रों से अवगत कराया।
डॉ0 ध्यानी ने कहा कि परिसर में शैक्षणिक माहौल के साथ साथ शिक्षा का उच्च स्तर बनाये रखने के लिए ईमानदारी से कार्य करने से ही हम लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। हमें अपनी कर्तव्यनिष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए तभी हर असंभव कार्य को सम्भव कर उदाहरण पेश किया जा सकता है।
डॉ0 ध्यानी ने कहा कि हमें अपनी नकारात्मकता को सकारात्मकता पर हावी नहीं होने देना चाहिए, और ना ही अपनी सफलता के पथ पर असफलता को हावी होने देना चाहिए। उन्होंने बताया कि किस तरह दुनिया मे बुलंदियों पर पहुंची वैश्विक विभूतियों ने सफलता के रास्ते पर कई असफलताओं को प्राप्त किया लेकिन फिर भी वे सफल हुये। उन्होने कभी भी असफलता को सफलता प्राप्ति के रास्ते में हावी होने नहीं दिया।
डॉ0 ध्यानी ने आईस्टिन एलबर्ट, अब्राहिम लिंकन, बिलगेटस, स्टीफन किंग, जे0के0 रावलिंग, ओप्राह बिनफ्रे, वाल्ट डिजनी, कोलोनल सेंडरस, स्टीवन स्पिलबर्ग, थोमस एडिसन आदि विश्व विख्यात विभूतियों के जीवन और उनके संघर्षो व असफलताओं के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमें भी अपने ज्ञान, अनुभव और उम्र के आधार पर इस विश्वविद्यालय में एक नई इबारत लिखनी है।
कुलपति की प्रथम कक्षा में पहले ही दिन सभी समायोजित शिक्षक कुलपति के विचारों से प्रभावित हुए और उन्होंने अपना परिचय देने के बाद विश्वविद्यालय हित में अपना पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया।